
"देखा चंदा को बदली से निकलते,
आज तेरा चेहरा याद आया...... ।
देखा पंतगों को शमां पर झूमते,
आज तेरा चेहरा याद आया...... ।
देखा पंतगों को शमां पर झूमते,
मिलन वो तेरा मेरा याद आया...... ।
मौसम था जो खुश, बहार थी चंचल,
कली को झूमते देखा, तेरा चेहरा याद आया...... ।
यूँ दर्द सह-सहकर मैं आदी हो गया ग़मों का,
मगर जाने क्यों मुझे तेरा दर्द याद आया..... ।।"