रविवार, 10 जून 2007


मैं रातों के अँधेरों में खोया सितारा हूँ,
हज़ारों लाखों मे मैं भी ऍक आवारा हूँ ।
लाख कह दे ज़माना मुझे, तेरा पागल,
तुम ठुकराऒगे तो भी मैं तुम्हारा हूँ ।

2 टिप्‍पणियां:

Shantanu ने कहा…

sahi hai!!
pyar main haq ek khaas ahmiyat rakhta hai!!

in jazbaaton ko barkarar rakhiyega!!

azhar ने कहा…

tujhko kho kar bhi rahu'n qhilvat e ja'n me teri .
jeet payi he mohabbat ne ajab maat ke sath.